Wednesday, February 1, 2023
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भारत के इस गांव में 108 मंदिर और 108 तालाब थे


मलूटी गांव : भारत को मंदिरों का देश कहा जाता है। यहां हर गांव, कस्बे और शहर में मंदिर देखने को मिलते हैं, जो न सिर्फ अपने आप में अनोखे हैं बल्कि स्थापत्य कला के भी बेहतरीन उदाहरण हैं। लेकिन क्या आप यकीन करेंगे कि एक ही गांव में 108 मंदिर और 108 सरोवर हैं।

जी हां, पश्चिम बंगाल और झारखंड की केंद्रीय सीमा पर दुमका जिले में एक गांव है। इस गांव को ‘मंदिरों का गांव-मलूटी’ के नाम से जाना जाता है। इस गांव की सबसे बड़ी खासियत यहां बने टेराकोटा शैली के मंदिर हैं। ये मंदिर अलग-अलग नहीं बल्कि एक पूरी श्रृंखला के रूप में बनाए गए हैं।

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क्यों खास है मलूटी गांव?

कभी इस गांव में 108 मंदिर और 108 सरोवर थे। इस पूरे गांव को मंदिरों का गांव कहा जाता था। धीरे-धीरे देखरेख के अभाव में यहां के कई मंदिर नष्ट हो गए। वर्ष 2015 में राज्य सरकार की पहल पर केंद्र सरकार ने मलूटी गांव के जीर्णोद्धार का कार्य हाथ में लिया। यहां 108 में से केवल 72 मंदिर ही अपने मूल रूप में जीवित रह पाए हैं, बाकी समय की मार में नष्ट हो गए। इसी तरह यहां स्थित कुल 108 तालाबों में से केवल 65 तालाब ही बचे हैं, बाकी गायब हो गए हैं।

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मंदिर के निर्माण का कार्य 125 वर्षों में पूरा हुआ था।

गाँव में स्थित प्राचीन शिलालेखों के अनुसार इन मंदिरों का निर्माण 1720 ई. में प्रारम्भ होकर 1845 में पूर्ण हुआ। बंगला, संस्कृत तथा प्राकृत भाषा के शिलालेखों पर मन्दिर निर्माण की जानकारी प्राप्त हुई है। इन मंदिरों का निर्माण राजा बाज बसंत राय और राजा राखड़ चंद्र राय और उनके वंशजों ने करवाया था।

इन मंदिरों का निर्माण छोटी-छोटी ईंटों से किया गया है। मंदिरों की न्यूनतम ऊंचाई 15 फीट और अधिकतम ऊंचाई 60 फीट रखी गई है। इन मंदिरों को टेराकोटा शैली में बनाया गया है। मंदिरों के बाहर रामायण के विभिन्न प्रसंगों की रचना भी की गई है, जो मिट्टी में पके मिट्टी के बड़े तख्ते पर बनाए गए हैं।

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इन देवताओं के मंदिर हैं

हिंदू धर्म में पूजनीय माने जाने वाले लगभग सभी देवी-देवताओं के मंदिर यहां मिल जाएंगे। मलूटी गांव के चारों ओर भगवान विष्णु, भगवान शिवकाली, दुर्गा, मनसा देवी, धर्मारा और मां मौलिका देवी के मंदिर बनाए गए हैं। राज्य सरकार इस गांव को यूनेस्को की विश्व विरासत सूची में शामिल करने के प्रयास कर रही है। साल 2015 में अमेरिका के तत्कालीन प्रधानमंत्री बराक ओबामा भी यहां आकर हैरान रह चुके हैं।

अस्वीकरण: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष पर आधारित है और केवल जानकारी के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है. कोई भी उपाय करने से पहले संबंधित विषय के विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।

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