Sunday, February 5, 2023
Google search engine
Homeप्रदेशउत्तर प्रदेश / उत्तराखंडदूषित पानी! यूपी के खीरी में 2 हफ्ते में 5 बच्चों...

दूषित पानी! यूपी के खीरी में 2 हफ्ते में 5 बच्चों की मौत, वजह…


दूषित पानी: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि यहां के मोहम्मदी कस्बे के सरैया इलाके में पिछले दो सप्ताह में दूषित पानी पीने से पांच बच्चों की मौत हो चुकी है. जबकि 9 बच्चे बीमार हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि स्वास्थ्य विभाग के एक सर्वे में यह खुलासा हुआ है.

472 घरों का निरीक्षण किया

जिले के अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. अनिल कुमार गुप्ता के नेतृत्व में स्वास्थ्य अधिकारियों की एक टीम ने शनिवार को यहां का दौरा किया. 472 घरों का सर्वे किया। जहां उन्होंने दूषित पानी को बच्चों की मौत का मुख्य कारण पाया।

डॉ. गुप्ता ने बताया कि चार साल के मोहम्मद अजान और 14 महीने के उमरा की पिछले हफ्ते मौत हो गई थी. इससे पहले, लक्षणों के आधार पर 10 साल से कम उम्र के तीन अन्य बच्चों की डायरिया जैसी बीमारी से मौत हो गई थी।

सीवर लाइन से होकर जा रही पानी की लाइन

उन्होंने कहा कि प्रभावित क्षेत्र का सर्वेक्षण करने के बाद हमने पाया कि नल की पानी की पाइपलाइन एक सीवर लाइन से गुजर रही थी. पानी शायद दूषित था। हमने जल बोर्ड से सैंपल लेने और शुद्ध व साफ पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा है. अभी तक क्षेत्र में डेंगू या मलेरिया जैसी वेक्टर जनित बीमारियों का कोई मामला सामने नहीं आया है, लेकिन फिर भी हमने क्षेत्र में एंटी-लार्वा स्प्रे का छिड़काव किया है।

बेटी को पहले उल्टी हुई, दवा देने के बाद मौत हो गई

उमरा के पिता नूर मोहम्मद ने बताया कि मेरी बेटी बीमार पड़ गई। उसे बहुत उल्टी होने लगी। परिवार को लगा कि शायद वह खाना नहीं पचा पाएगी, लेकिन स्थानीय क्लिनिक से दवा लेने के कुछ घंटों के भीतर ही उसकी मौत हो गई। बताया जा रहा है कि खराब सफाई व्यवस्था और दूषित पानी की वजह से उनकी मौत हुई है.

समाज के लोगों ने स्वास्थ्य विभाग से गुहार लगाई

उन्होंने कहा कि सफाई कर्मी बमुश्किल इलाके की सफाई करते हैं। हम नहीं जानते कि उनके खिलाफ शिकायत कैसे करें? इस बीच, यह देखा गया कि क्षेत्र में पांच वर्ष से कम आयु के कई बच्चों का टीकाकरण नहीं किया गया था। इसके बाद अधिकारियों ने इलाके में स्थानीय मस्जिद के बुजुर्ग सदस्यों और मौलवियों के साथ बैठक की ताकि लोगों को अपने बच्चों को टीका लगाने के लिए जागरूक किया जा सके।

सीएमओ ने यह बयान जारी किया

खीरी के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) संतोष गुप्ता ने कहा कि हमने ऐसे पांच परिवारों की पहचान की है, जहां पिछले दो सप्ताह में बच्चों की मौत हुई है. इनमें से किसी ने भी स्वास्थ्य विभाग से संपर्क नहीं किया था। घर पर अपने बच्चों का इलाज करा रहे थे। मौतों के पीछे प्राथमिक कारण डायरिया के साथ बुखार था।

स्वास्थ्य विभाग ने तुरंत ये कदम उठाया

मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया और टाइफाइड सहित विभिन्न बीमारियों के लिए 61 नमूनों का परीक्षण किया गया है। सभी टेस्ट निगेटिव आए हैं। इलाके में फॉगिंग भी की गई है। हमने स्थानीय लोगों से अनुरोध किया है कि वे झोलाछाप डॉक्टरों से इलाज कराने के बजाय सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों का रुख करें। अधिकारियों ने कहा कि बुखार और संक्रमण से पीड़ित नौ बच्चों का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज चल रहा है। शनिवार को 76 बच्चों का टीकाकरण किया गया।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments